पिथौरा पेंटिंग भील जनजाति की एक विशिष्ट कला है। इसमें ध्वनि सुनना एवं उसे आकृति के रूप में उकेरने की अद्भुत कला का प्रदर्शन किया जाता है। यह कला भारत में एक मात्र ऐसी कला है, जिसमें विशिष्ट ध्वनि सुनना, उसे समझना और लेखन से चित्र रूप प्रदान करना प्रमुख है।
![]() |
| भील जनजाति द्वारा बनाई जाने वाली पिथोरा पेंटिंग |
![]() |
| एक वर्कशॉप में आयोजित भील जनजाती की पिथोरा पेंटिंग बनाने की कोशिश करते हुए ,अमित कुमार भील द्वारा आयोजित किया गया कार्यशाला |




0 Comments