[05/02, 12:24 PM]: कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश किये गये 2019-20 का अंतरिम बजट, चुनाव प्रो कहा जा रहा हैं। इस बजट के मध्यम से सरकार ने हर वर्ग को अपने साथ जोड़ने का प्रयास किया है। इन्हीं में से एक वर्ग है अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक।श्रमिको के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना शुरू किया हैं। इसके तहत जिनकी आय 15 हजार रुपए से कम है उन लोगों को 60 साल बाद 3 हज़ार पेंशन दिया जाएगा।
सिविल संगठनों द्वारा इन वर्गो के लिए हमेशा से पेंशन स्कीम की मांग की जाती रही है। जो कि बिना किसी शर्त के मुहैया कराई जाए। कांग्रेस नेता शशि थरूर एकएलेख में लिखते हैं। इसमें साहसी सोच दिखाई दी लेकिन जो आंकड़ा गोयल ने बताया वह कोई उम्मीद नहीं जगाता हैं। 29 साल के एक युवा को 31 साल बाद रुपए प्रति महा पाने के लिए अभी ₹100 महीने जमा करने होंगे अब मैं यह नहीं जानता इसके नीचे क्या गणित हैं पर आश्चर्य नहीं कि ₹1200 प्रतिवर्ष का 3 साल तक कोई भी निवेश इससे बेहतर नतीजा ही देगा यदि आप 30 साल या इससे अधिक उम्र के होंगे तो आपको और भी ज्यादा पैसा जमा करना होगा। इस योजना की दो शर्तें हैं, जिसके अनुसार 18 साल के युवा इसमें शामिल होते हैं तो उन्हें 55 रुपए हर महीने जमा कराना होगा और 29 साल के लोगो को इस योजना का लाभ उठाने के लिए 100 रुपए जमा करना पड़ेगा । सरकार बदले में बराबर पैसा जमा करेगी । इस योजना से आने वाले 5 सालों में 10 करोड़ अनौपचारिक क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। आज के समय में 42 करोड़ लोग अनौपचारिक क्षेत्र से आते हैं। उनके लिए यह सहायता काफी महत्वपूर्ण लगती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में और गरीब लोग जो मुश्किल से दिन भर में 100 से 200 रुपए कमाते हैं। उनके लिए महीने में 100 रुपए भी देना आसान नहीं हैं। इस योजना को बिना किसी शर्त के चलाया जाना चाहिए था । जिस प्रकार सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन,विधवा पेंशन आदि लोगों को मुहैया कराया जाता है। इसमें एक चुनौती यह भी है कि, अनौपचारिक क्षेत्र से जुड़े इन लोगों की पहचान कैसे होगी और माइग्रेंट श्रमिक के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी और उन्हें कैसे ट्रैक किया जाएगा।
इस योजना में मुख्य बातों पर गौर करने की आवश्यकता है ,अगर वर्तमान में अनौपचारिक क्षेत्र में 18 वर्ष का कोई युवा जुड़ता है और वह भविष्य में औपचारिक क्षेत्र में कार्य करने लगता है तो उस परिस्थिति में इस योजना का लाभ उसे कैसे मिलेगा? उसका योगदान कैसे वापस होगा? योजना का क्रियान्वयन पर ही पता चल पाएगा सरकार इसके लिए क्या सेवा शर्ते तय करती है।
1 Comments
behad shandar pahal h amit
ReplyDelete